ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण गद्दी समुदाय के लोगों ने अब मैदानी इलाकों का रुख करना शुरू कर दिया है। सर्दी बढ़ने के साथ ही पहाड़ों में रहना कठिन हो गया है, जिस कारण गद्दी लोग अपनी भेड़-बकरियों के साथ मैदानी क्षेत्रों का रुख कर लिया है। पहले के समय में गद्दी समुदाय के लोग अपनी पारंपरिक वेशभूषा के लिए पहचाने जाते थे। कमर पर डोरा, चोला और सिर पर पारंपरिक पहनावा उनकी अलग पहचान हुआ करता था। मैदानी इलाकों की ओर जाते समय सड़कों पर गद्दी लोगों की गाड़ियों के काफिले नजर आते थे, लेकिन अब समय के साथ यह दृश्य काफी कम हो गया है। हालांकि, आज भी कुछ गद्दी परिवार अपनी परंपराओं को जीवित रखे हुए हैं, लेकिन आधुनिकता और बदलती जीवनशैली के कारण पारंपरिक पहनावे में कमी देखी जा रही है।