जिला ऊना के उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर अब भी पीला रतुआ रोग से गेहूं की फसल को अपनी चपेट में लिया हुआ है। इसस किसानों को अपनी फसल को नुकसान से बचाव के लिए दवाई का छिड़काव कर रहे हैं। किसानों में सोमनाथ,सुरेश कुमार, सुशील कुमार, राम प्रकाश, सोहना देवी, प्रोमिला ठाकुर, रजनी बाला, सरोज कुमारी, रवि शर्मा, विजय शर्मा, अशोक कुमार, राज कुमार सहित अन्य किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं की फसल अपनी चरम सीमा पर पहुंच चुकी है। वहीं, उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के कृषि विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. सतपाल धीमान का कहना है कि गेहूं की फसल में अगर पीला रतुआ बीमारी आ गई है तो आप शाइन नामक दवाई एक एमएल प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर उसे अपने खेतों में छिड़काव करें और अगर सरसों की फसल में तेला लगा है तो आप एकस्तारा नामक दवाई दस ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर उसे अपने खेतों में छिड़काव करें और अगर किसान मूंग, उड़द लगाना चाहते हैं तो मूंग एसएमएल 668 किस्म की बिजाई कर सकते हैं और अब मौसम में थोड़ा बदलाव आ गया है तो आप भिंडी, फ्रेंच बीन्स, और बेलों बाली सब्जियां की भी बिजाई कर सकते हैं।