उपमंडल अंब की ग्राम पंचायत पंजोआ के अंतर्गत गांव बवरण (कंगरूही) इस समय गंभीर जल संकट से जूझ रहा है। पानी की भारी कमी के चलते यहां के किसानों की लगभग 40 कनाल मक्की की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है, जिससे ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी निर्मल सिंह ने बताया कि इस वर्ष सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने के कारण उनकी सारी मक्की की फसल सूख गई है, जिससे उन्हें लगभग ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ है। गांव के अन्य किसान भी इसी प्रकार की परेशानी का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पहले सिंचाई के लिए स्थानीय जलस्रोत का पानी इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन क्षेत्र में अंधाधुंध खनन के कारण अब खड्ड का जलस्तर काफी नीचे चला गया है। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में लगभग 15 फीट तक खुदाई और खनन हो चुका है, जिससे भूजल स्तर तेजी से नीचे गिर गया है। स्थानीय निबासी कृष्ण शर्मा ने बताया की पहले गांव में एक पानी का टैंक बना है, उससे पानी की सप्लाई होती थी। लेकिन पिछले 10 साल से टैंक की सप्लाई बंद पड़ी है। जिला खनन अधिकारी नीरज कांत का कहना है कि शीघ्र ही माैके पर जाकर जांच करेंगे और अगर कुछ गलत पाया गया तो कार्रवाई करेंगे।