उपमंडल बंगाणा की ग्राम पंचायत चौकीमनयार स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का चौथे दिवस भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक भावनाओं से परिपूर्ण रहा। कथा वाचक पंडित सुरेंद्र शास्त्री ने भगवान विष्णु के वामन अवतार और असुरराज बलि की कथा का अत्यंत भावपूर्ण और विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान वामन ने एक ब्राह्मण बालक के रूप में अवतार लेकर राजा बलि से तीन पग भूमि की याचना की और फिर विराट रूप धारण कर तीनों लोकों को नाप लिया। यह प्रसंग त्याग, समर्पण, अहंकार त्याग और भगवान की लीला की गहराई को दर्शाता है। कथा वाचक ने इस प्रसंग के माध्यम से आत्मा की शुद्धता, शरीर के नश्वर होने और सेवा भाव की महत्ता पर भी विस्तार से चर्चा की। कथा में चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के युवा उपाध्यक्ष सुमेश बिट्टू विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिनका आयोजन समिति ने स्वागत किया। कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर विपन चौधरी, रामआसरा चोपड़ा, आशीष धीमान सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता और श्रद्धालु मौजूद रहे। श्रीमद्भागवत कथा के इस दिव्य आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक जागरुकता और सामाजिक समरसता का संदेश फैलाया। आयोजकों ने बताया कि आगामी दिनों में भी कथा के विभिन्न अध्यायों का रसपान भक्तों को कराया जाएगा।