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Una: मौसम की लुकाछिपी के बीच खेतों में डटे किसान, गेहूं की फसल को बचाने में जुटे

जिला ऊना में मंगलवार सुबह से ही सूर्यदेवता और बादलों के बीच लुकाछिपी का दौर चलता रहा। मौसम में हल्की ठंडक और बादलों की आवाजाही के बावजूद किसान अपने खेतों में डटे हुए हैं और गेहूं की फसल को पानी लगाने में व्यस्त दिखाई दिए। इस समय गेहूं की फसल बढ़वार के महत्वपूर्ण दौर में है, इसलिए किसानों का कहना है कि फसल को समय पर पानी और खाद देना बेहद जरूरी है। स्थानीय किसान सुभाष चंद ने बताया कि इस समय गेहूं की फसल को खाद और पानी दोनों की बहुत अधिक आवश्यकता होती है। यदि किसान इस समय फसल को पर्याप्त पानी या खाद नहीं दे पाए तो उत्पादन पर इसका सीधा असर पड़ सकता है और पैदावार में काफी कमी आ सकती है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के पास अपने पानी के स्रोत नहीं हैं, उन्हें इस समय भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। अगर समय पर बारिश नहीं होती तो खेतों की सिंचाई के लिए महंगे साधनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे खेती की लागत और बढ़ जाती है। किसान पहले ही महंगे बीज, खाद और डीजल जैसी बढ़ती लागत से परेशान हैं। वहीं किसान रमेश कुमार का कहना है कि बारिश समय पर न होने से किसानों की चिंता बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि कई किसानों को ट्यूबवेल या अन्य साधनों से पानी लगाना पड़ता है, जिससे खर्च काफी बढ़ जाता है। दूसरे किसान कुलदीप सिंह ने बताया कि मौसम की अनिश्चितता के साथ-साथ जंगली जानवर और बेसहारा पशु भी किसानों के लिए बड़ी समस्या बन गए हैं। उन्होंने कहा कि रात के समय खेतों की रखवाली करनी पड़ती है, क्योंकि नीलगाय, बंदर और आवारा पशु फसलों को नुकसान पहुंचा देते हैं। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश हो जाए तो फसल को काफी फायदा होगा और किसानों को कुछ राहत मिल सकती है। फिलहाल किसान मौसम की मार और बढ़ती लागत के बीच अपनी मेहनत से फसल को बचाने में जुटे हुए हैं।

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