महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर ब्रह्माकुमारीज मेहतपुर की ओर से यह संदेश दिया गया है कि यह पर्व केवल पारंपरिक उपवास या रात्रि जागरण का उत्सव नहीं, बल्कि आत्म जागृति और ईश्वरीय अवतरण का स्मृति दिवस है। महाशिवरात्रि वह पावन घड़ी है जब निराकार परमपिता परमात्मा शिव इस धरा पर अवतरित होकर मानवता को अज्ञान रूपी अंधकार से ज्ञान रूपी प्रकाश की ओर ले जाने का कार्य करते हैं। रथयात्रा के नवें दिन बीके बबीता दीदी ने बताया कि परमात्मा शिव कोई देहधारी व्यक्तित्व नहीं, बल्कि ज्योति बिंदु स्वरूप, निराकार, सर्वशक्तिमान, सर्वज्ञान का सागर हैं। वे जन्म-मरण के चक्र से परे हैं और प्रत्येक आत्मा के परमपिता हैं।