डीएसपी हरोली मोहन रावत का कहना है कि एआई (आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस) के दौर में जिस तरह से तकनीकी युग में बदलाव आया है। उसी रफ्तार से सोशल मीडिया में इसका जमकर भी मिसयूज हो रहा है। उन्होंने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आईटीआई पंडोगा में आयोजित पुलिस की पाठशाला में प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखें और विशेष तौर पर इन दिनों लड़कियों की फेक आईडी बनाई जा रही है और इस तरह के सोशल मीडिया के बढ़ते चलन से समाज का हर वर्ग इसके गिफ्त में आ चुका है। जोकि आने वाले समय के लिए घातक परिणाम लेकर आएगा। उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि बिना दस्तावेज के किसी भी वाहन को ड्राइव ना करें, लाइसेंस और बिना हेलमेट के वाहनों को ड्राइव किए जाने की सूरत में भारी भरकम चालान भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस चालान वाहन चालकों को डराने के लिए नहीं बल्कि उनकी सुरक्षा के लिए करती है और कड़े कदम उठाए जाते हैं ताकि जनता की जान जोखिम में ना पड़ सके। कहा कि दस्तावेजों में पंजीकृत वाहनों को ही ड्राइव करें और तमाम तरह के दस्तावेजों की जांच परख के बाद ही सड़क पर उतरे और दो पहिया वाहन चालक आईएसआई मार्क कंपनी का ही हेलमेट पहनकर वाहन को ड्राइव करें। अधिकतर दुर्घटनाएं नशे में वाहनों ड्राइव करने की सूरत में हो रही है और कई मामले एक्स सवारी की ड्राइविंग के सूरत में भी हो रहे हैं। कहा कि सोशल मीडिया में जो कुछ भी परोसा जा रहा है वह सब कुछ हकीकत नहीं है और लोग उसी को सच समझ कर बैठे हैं। वैसी ही नुमाइश सोशल मीडिया में करने में जुटे हुए हैं। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया और कहा कि ड्रग सोचने की शक्ति की क्षमता को खत्म कर देता है और फिजिकल मूवमेंट भी नशे की चपेट में आए युवाओं की खत्म हो रही है। कहा कि नशे से दूर रहने के लिए इसकी संगत करने वालों से दूर रहें, तो नशे से बचा जा सकता है।