पटवारियों एवं कानूनगो ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार से पेन डाउन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के कारण तहसील कार्यालय में कामकाज ठप हो गया है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संयुक्त पटवारी-कानूनगो संघ के प्रदेश अध्यक्ष सतीश चौधरी ने बताया कि जब तक सरकार उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करती और वार्ता के लिए नहीं बुलाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पटवारियों और कानूनगो को बिना विश्वास में लिए जिला से स्टेट कैडर में शामिल करने का निर्णय स्वीकार नहीं किया जाएगा। संघ की प्रमुख मांगों में राजस्व विभाग के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन, पटवार सर्कलों में कंप्यूटर की सुविधा उपलब्ध कराना, और तहसील कार्यालयों में शौचालयों की व्यवस्था करना शामिल है। पटवारी और कानूनगो सरकार के विभिन्न अभियानों में अहम भूमिका निभाते हैं, जिसमें भूमि रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण और जनहित में चलाई जाने वाली योजनाएं शामिल हैं। ऐसे में बिना उनकी सहमति के निर्णय लेना अन्यायपूर्ण है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की तो हड़ताल को और तेज किया जाएगा और जनता के राजस्व कार्यों में अनेकों समस्याएं आएंगी, जिसकी जिम्मेवार सरकार होगी।