राज्य सरकार की ओर से डी क्लास के जो ठेकेदार बनते हैं। पहले उनका पंजीकरण जिला स्तर पर लोनिवि के अधीक्षण अभियंता के पास हो जाता था। लेकिन अब प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 25 वर्षों से चली आ रही प्रथा को बदल कर डी क्लास के ठेकेदारों का पंजीकरण अब विभाग के चीफ इंजीनियर के पास करने की अधिसूचना जारी कर दी है। ताकि कोई नया ठेकेदार रोजी-रोटी के लिए नया लाइसेंस न बना सकें। मुख्यमंत्री के इस फैसले से राज्य में और बेरोजगारी फैलेगी। कुटलैहड़ के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक देवेंद्र कुमार भुट्टो ने मुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री वन मैन आर्मी की तरफ जनहित के खिलाफ फैसले ले रहे हैं। भुट्टो ने कहा कि मुख्यमंत्री यदि इतने पाक साफ हैं तो बीते दो वर्षों से ठेकेदारों को किए गए कार्यों की अदायगी क्यों नहीं कर रहे। ठेके के लाइसेंस रिन्यू नहीं किए जा रहे केंद्र सरकार से नाबार्ड में मिले कार्यों के टेंडर नहीं हो रहे और ठेकेदार विकास कार्यों को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने को मजबूर हैं। भुट्टो ने आरोप लगाया कि राजनीतिक बदले भी भावना से बीते दो वर्षों में कार्य किया जा रहा है। जो मुख्यमंत्री को सलाह दे रहे हैं, उन्हें भी आने वाले पंचायत चुनाव में अपनी हकीकत का पता चल जाएगा।