फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Una: अतिरिक्त उपायुक्त ने की एससी-एसटी और राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के क्रियान्वयन की समीक्षा

Krishan Singh Updated Thu, 25 Sep 2025 03:21 PM IST

अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने गुरुवार को जिला स्तर पर जातीय भेदभाव और दिव्यांग संरक्षण पर गठित दो महत्वपूर्ण समितियों की बैठकें लीं। उन्होंने एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम और राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई और परस्पर समन्वय के निर्देश दिए। पहली बैठक अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत गठित जिला सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की थी। बैठक के उपरांत अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि इस अधिनियम का उद्देश्य जातिगत भेदभाव को रोकना और पीड़ितों को न्याय व राहत उपलब्ध कराना है। अतिरिक्त उपायुक्त ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे मामलों की प्रगति पर सतत निगरानी रखें ताकि पीड़ितों को समय पर राहत और न्याय मिल सके। दूसरी बैठक, राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय स्थानीय समिति की थी, जिसमें ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, मानसिक मंदता और बहु-दिव्यंगता से पीड़ित व्यक्तियों के विधिक संरक्षण पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि इस अधिनियम के तहत 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद संबंधित व्यक्तियों के लिए स्थायी या सीमित अवधि के विधिक संरक्षक नियुक्त किए जाते हैं। अब तक जिले में 113 स्थायी विधिक संरक्षक नियुक्त किए जा चुके हैं। बैठकों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र शर्मा, उप-पुलिस अधीक्षक डॉ. वसुधा सूद, जिला कल्याण अधिकारी आवास पंडित समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें