आईजीएमसी शिमला के रेजिडेंट चिकित्सक डॉ. के समर्थन में उतरे डॉक्टरों के सामूहिक अवकाश के बाद हड़ताल पर चले जाने स्वास्थ्य सुविधाएं पूरी तरह से चरमराई रही। हड़ताल का असर सीधे तौर पर मरीजों पर पड़ गया, जिन्हें अस्पतालों में भटकने पर मजबूर होना पड़ा। जिलेभर के अस्पतालों में मरीजों की पर्चियां तक नहीं बनी। दूरदराज क्षेत्र से आए कई मरीजों ने आपातकालीन कक्ष में जांच करवाई।