सोलन में एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव के दूसरे सत्र में एमएसएमई की स्थानीय चुनौतियों और अवसर विषय पर प्रिंटर्स एसोसिएशन बद्दी के सलाहकार सुरेंद्र जैन, परवाणू उद्योग संघ के महासचिव सार्थक जैन और फार्मा उद्योग संघ के सतीश सिंगला ने चर्चा की। प्रिंटर्स एसोसिएशन बद्दी के सलाहकार सुरेंद्र जैन ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में बड़ी, छोटी व मध्यम औद्योगिक इकाइयां हैं। बीबीएन में 75 जो प्रबंधक, मालिक और कर्मचारी हैं, वे रोजाना पिंजौर, पंचकूला और चंडीगढ़ व मोहाली से बद्दी के लिए आवाजाही करते हैं। रोजाना 50 किलोमीटर का सफर कर रहे हैं और फिर वापस भी जा रहे हैं। अकसर शिकायत रहती है कि सड़क नहीं है और जाम लगता है। उन्होंने उद्योग मंत्री से आग्रह किया कि सड़क सुविधा को बेहतर किया जाए। साथ ही कहा कि उद्योग हिमाचल में कमा रहे हैं और दर्द हिमाचल को दे रहे हैं। सारा काम हिमाचल के साथ हो रहा है और पैसा खर्च करने के लिए चंडीगढ़ जाते हैं। यह बहुत ही दर्द की बात है कि एक राज्य हमें सब कुछ दे रहा है लेकिन खर्च बाहर हो रहा है। इस पर थोड़ा ध्यान देना चाहिए।