एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव के पहले सत्र में कल के एमएसएमई विषय पर चर्चा हुई। सामूहिक चर्चा के लिए पैनल में लघु उद्योग भारती बद्दी के प्रदेशाध्यक्ष अखिल मोहन अग्रवाल, लघु उद्योग संघ बद्दी के अशोक राणा और गत्ता उद्योग संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष हेमराज चौधरी शामिल रहे। लघु उद्योग भारती बद्दी के प्रदेशाध्यक्ष अखिल मोहन अग्रवाल ने कहा कि पिंजौर-नालागढ़ फोरलेन निर्माण में देरी के कारण नालागढ़-बद्दी-बरोटीवाला में उद्योग पलायन कर रहे हैं। सड़कों की हालत काफी खराब हो गई है। सरकार की ओर से इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे उद्योगों को नुकसान हुआ है। लघु उद्योग संघ के प्रदेशाध्यक्ष अशोक राणा ने कहा कि एमएसएमई देश की रीढ़ की हड्डी है। समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। 78 फीसदी एमएसएमई उद्योग है। हिमाचल में सरकारी नौकरी कम है तो युवा पढ़ने के बाद उद्योग लगाने की सोचते हैं, लेकिन एमएसएमई उद्योग लगाने के लिए काफी दिक्कतें आ जाती हैं। नियम काफी कड़े हैं। इसमे सुगमता लाई जाए। केंद्र सरकार ने सीजीटीएसएमई लाखों रुपये का फंड देने के लिए बैंक आनाकानी करते हैं।