बघाट बैंक सोलन को आर्थिक रूप से मजबूत स्थिति में लाने के लिए बैंक प्रबंधन ने रिवाइवल प्लान पर काम शुरू कर दिया है। बैंक में प्रशासक नियुक्त किए गए नीरज सूद ने प्रेसवार्ता कर बैंक की मौजूदा स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी दी। नीरज सूद ने कहा कि बैंक का नेटवर्थ कम होने के कारणों की समीक्षा की जा रही है और स्थिति में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैंक से जुड़ी कई भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से प्रेसवार्ता आयोजित की गई है। उन्होंने बताया कि स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक के बाद पिछले एक सप्ताह में बैंक को 2 करोड़ 61 लाख रुपये की सहमति प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि बैंक को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सामने मजबूत स्थिति रखने के लिए करीब 20 से 25 करोड़ रुपये की नेटवर्थ की आवश्यकता है। प्रशासक ने बताया कि बैंक को मजबूत बनाने के लिए सरकार से करीब 15 करोड़ रुपये की सहायता लेने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा शेयरहोल्डर्स से भी लगभग इतनी ही राशि जुटाने की योजना है। उन्होंने कहा कि पूंजी बढ़ने से बैंक के पुनर्जीवन में मदद मिलेगी। नीरज सूद ने बताया कि बैंक का ग्रॉस एनपीए करीब 120 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि बैंक ने 14.50 करोड़ रुपये का लाभ भी दर्ज किया है, लेकिन बैंक को स्थायी रूप से मजबूत बनाने के लिए एनपीए रिकवरी और पूंजी बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि बैंक में एनपीए के 180 मामले हैं, जिनकी रिकवरी के लिए कार्रवाई की जा रही है। प्रशासक ने कहा कि करीब 70 करोड़ रुपये के लोन मामलों की फैक्ट फाइंडिंग की गई है और इनकी जांच जारी है। जांच में यदि किसी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर एफआईआर दर्ज करने और संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी की जाएगी। नीरज सूद ने बैंक के खाताधारकों और शेयरहोल्डर्स से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि शेयर कैपिटल बढ़ाने में सभी का सहयोग जरूरी है। सामूहिक प्रयासों से ही बघाट बैंक को फिर से मजबूत स्थिति में लाया जा सकता है।