देहरादून पांवटा साहिब कालाअंब एनएच-07 फोरलेन कार्य के प्रभावित किसानों, भूमि मालिकों का 26वें दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रहा। पिछले दो वर्षों से अपनी भूमि का मुआवजा राशि प्राप्त करने को सैंकड़ों परिवार कार्यालयों के चक्कर काट रहे है। केवल आश्वासन मिलने व कोई सुनवाई नही होने पर नही धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। रविवार को संघर्ष समिति ने भूपपुर में एनएच पर प्रदर्शन किया। एनएचएआई का शवयात्रा निकाली व अंत में पुतले का दहन किया। केदारपुर भूपपुर समेत संयुक्त संघर्ष समिति सदस्यों साधु राम, छोटी देवी, बलजीत सिंह, सुशील चौधरी, निर्मला देवी, सिया राम ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से परेशान किया जा रहा है। पांवटा के करीब दो सौ से अधिक परिवारों में से अधिकतर को नाममात्र मुआवजा मिला है। पिछले दो वर्षों से लगातार कार्यालय के चक्कर काट रहे है। अब परेशान होकर एनएचएनआई, चयनित नेताओं व स्थानीय प्रशासन के खिलाफ गुस्सा फुट रहा है। एनएचएआई ने कुछ माह पहले भ्रमित किया था कि वह अपने उच्चाधिकारियों से मुआवजा राशि निकलवानने के लिए प्रयास करेंगे। ऐसा कह कर प्रभावित लोगों को अंधेर में रखा गया। जिसके चलते भारी दिक्कतों से जूछ रहे परिवारों को मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। समाजसेवी नाथू राम चौहान ने कहा कि उप संपदा भूपपुर, केदारपुर व शमशेरपुर के प्रभावित किसान व अन्य परिवारों की समस्या का हल नही निकाला जा रहा है। दो वर्षों से कई प्रभावित परिवार बच्चों की फीस, घर का खर्च चलाने को मोहताज हो चुके है। स्थानीय नेताओं को भी जनता की मांगों व समस्याओं के समाधान को गंभीर होना चाहिए। स्थानीय लोगों के साथ भूपपुर स्थिति तिब्बती समुदाय के दर्जनों परिवार भी प्रभावित है। जो धरना प्रदर्शन में पूरा सहयोग दे रहे है। लोग एनएचएआई के रवैये से काफी नाराज है। अपनी दुकानें, रिहायशी मकान व भूमि को दे चुके है। अधिकतर को मात्र बीस फीसदी मुआवजा मिला है। अब तो वर्षों से मुआवजा नही मिल पा रहा है। एसडीएम पांवटा साहिब गुंजीत सिंह चीमा ने बताया कि एनएचएआई तीन गांवों को मुआवजा राशि आबंटन के ऊपर आर्बिट्रेटर कोर्ट में याचिका में गए हुए है। जिसके चलते तीन गांवों को मुआवजा राशि आबंटन के ऊपर आर्बिट्रेटर कोर्ट ने मनाही कर रखी है। बतौर भू सक्षम अधिकारी होने के नाते एनएच प्रभावितों का पक्ष मजबूती से रखा जाता रहा है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी।