सिरमाैर जिले के स्वास्थ्य खंड धगेड़ा की मासिक समीक्षा बैठक गुरुवार को नाहन में हुई। इसकी अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. अमिताभ जैन ने की। इस दौरान खंड में चलाए गए रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं योजनाओं की प्रगति को लेकर समीक्षा की गई। साथ ही लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोनीषा अग्रवाल ने बताया कि बैठक में बरसात के दिनों में होने वाले जल जनित रोगों और उनके उपचार संबंधित चर्चा की गई। साथ ही बैठक में मौजूद चिकित्सा अधिकारियों, सीएचओ और अन्य अधिकारियों को इससे निपटने के लिए समय रहते आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि बरसात के दिनों में डायरिया, डेंगू, स्क्रब टाइफस की संभावना ज्यादा रहती है। इन बीमारियों रोकथाम को लेकर एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसमें आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को जिंक और ओआरएस का घोल दे रही है। उन्होंने कहा कि हर स्वास्थ्य केंद्र में ओआरएस कॉर्नर स्थापित किए जा चुके हैं, जहां पर डायरिया से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि बैठक में स्नेक बाइट को लेकर एक विशेष सेशन का आयोजन किया गया। इस दौरान सांप के काटने पर बरती जाने वाली सावधानियां और इलाज को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि बरसात के दिनों में जमीन के अंदर रहने वाले जीव जंतु बाहर निकल आते हैं, जिसमें सांप आदि शामिल है। बरसात के मौसम में स्नेक बाइट के मामले भी सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकतर सांप जहरीले नहीं होते हैं। लेकिन यदि स्नेक बाइट का कोई मामला सामने आता है तो तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और इलाज करवाएं।