फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirmour: 150 हाउसलेस परिवारों की सूची क्लियर होने पर जताया आभार, साथ ही जंग का भी एलान

अंकेश डोगरा Updated Mon, 09 Feb 2026 04:29 PM IST

रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति ने एक ओर जहां अपनी प्रमुख मांग माने जाने पर सरकार का आभार जताया है, वहीं दूसरी ओर लंबित मांगों को लेकर आर-पार की जंग का एलान कर दिया है। नाहन मुख्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान समिति के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक विस्थापितों के सभी हक पूरे नहीं होते, बांध के निर्माण कार्य को किसी भी सूरत में शुरू नहीं होने दिया जाएगा। समिति के अध्यक्ष विजय ठाकुर ने बताया कि विस्थापितों की एक प्रमुख और पुरानी मांग 150 हाउसलेस परिवारों की सूची को मंजूरी मिलना एक बड़ी जीत है। उन्होंने इस सकारात्मक कदम के लिए स्थानीय विधायक व कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार और मुख्यमंत्री का विशेष आभार व्यक्त किया। विजय ने कहा कि पूर्व सरकार के समक्ष भी यह मांग कई बार उठाई गई थी, लेकिन वर्तमान विधायक के प्रयासों से ही इसे अमलीजामा पहनाया जा सका है। आभार जताने के साथ ही समिति ने कड़े तेवर भी दिखाए। विजय ठाकुर ने कहा, हमारी एक मांग जरूर पूरी हुई है, लेकिन लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। जब तक विस्थापितों की सभी जायज मांगों का समाधान नहीं होता, रेणुका बांध का कार्य ठप रहेगा। समिति के अध्यक्ष ने कहा कि कई हाउसलेस विस्थापितों की सूची क्लियर होने के बावजूद अभी तक ग्रांट की राशि जारी नहीं की गई है। विस्थापितों की जिस जमीन का अधिग्रहण किया गया है, उसकी पैमाइश (डीमार्केशन) की मांग लंबे समय से लंबित है। समिति ने आरोप लगाया कि पुनर्वास के नाम पर विस्थापितों के साथ मजाक हो रहा है। रहने के लिए घर कहीं और दिया गया है, जबकि खेती के लिए जमीन मीलों दूर आवंटित की गई है, जिससे जीवन यापन असंभव है। प्रेसवार्ता में संयोजक विनोद ठाकुर और प्रेस सचिव योगी ठाकुर भी मौजूद रहे। उन्होंने दोहराया कि संघर्ष समिति अपने हकों के लिए एकजुट है और सरकार को जल्द से जल्द शेष मांगों पर ठोस निर्णय लेना होगा।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें