सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र ने एक बार फिर देश की सेवा में अपनी गौरवशाली परंपरा को दोहराया है। आईएमए देहरादून में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड में क्षेत्र के दो वीर सपूतों लेफ्टिनेंट विवेक चौहान और लेफ्टिनेंट तेजेंद्र ठाकुर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गरिमामय उपस्थिति में देश सेवा की शपथ ग्रहण की। इसमें कुल 515 अधिकारियों में 481 भारतीय कैडेट्स, जिसमें पहली बार 9 महिला कैडेट्स व 16 मित्र देशों के 34 कैडेट्स शामिल थे। लेफ्टिनेंट विवेक चौहान पुत्र कर्नल जेएस चौहान और मोनिका चौहान, निवासी ग्राम कुजनाल की सफलता बेहद खास रही है। वर्ष 2002 में उनके पिता, कर्नल जेएस चौहान स्वयं आईएमए के ऐतिहासिक ड्रिल स्क्वायर से भारतीय सेना में अधिकारी बने थे। 24 वर्ष बाद, उसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विवेक चौहान ने अधिकारी के रूप में भारतीय सेना में कदम रखा है। विवेक ने तीन वर्ष का प्रशिक्षण नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए) और एक वर्ष का प्री-कमीशन प्रशिक्षण आईएमए से प्राप्त किया है। इस उपलब्धि पर उनकी दादी शन्नो चौहान और बड़े भाई रजत चौहान ने अपार खुशी व्यक्त करते हुए इसे राष्ट्रसेवा की विरासत का प्रतीक बताया है। वहीं, ग्राम भेड़ीवाली सालवाला के रहने वाले लेफ्टिनेंट तेजेंद्र ठाकुर पुत्र अतर ठुंडू का इस उपलब्धि के लिए क्षेत्र में जोरदार स्वागत किया गया। प्रशिक्षण पूरा कर घर लौटने पर लेफ्टिनेंट तेजेंद्र ठाकुर का भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब व शिलाई द्वारा भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने शहीद स्मारक पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। संगठन के अध्यक्ष करनैल सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। लेफ्टिनेंट तेजेंद्र के पैतृक गांव भेड़ीवाली में भी ग्रामीणों ने उनके माता-पिता व परिजनों के साथ मिलकर इस खुशी को मनाया। इन दोनों युवाओं का सैन्य अधिकारी बनना गिरिपार क्षेत्र के युवाओं के लिए अनुशासन, कड़ी मेहनत और देशप्रेम का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है। इस मौके पर लेफ्टिनेंट तेजेंद्र ठाकुर के अलावा चाचा सतपाल ठुंडू और भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब व शिलाई क्षेत्र से अध्यक्ष करनैल सिंह, उपाध्यक्ष रामभज धीमान, सचिव ओमप्रकाश, कोषाध्यक्ष इंद्र सिंह, नरेंद्र ठुंडू, संतराम, हाकम सिंह, स्वर्णजीत, अनिल ठुंडू, जगदीश, तपेंद्र, रोशन, दलीप, सुनील, देवेंद्र नेगी, प्रवेश व प्रताप ठुंडू तथा पैतृक गांव में माता-पिता और रिश्तेदारों के अलावा सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।