उपमंडल पांवटा साहिब में गत 8 जून को हुई एनटीटी भर्ती में भारी अनियमितताएं बरतीं गई है। परीक्षा को लेकर जहां नियम स्पष्ट नहीं किए गए थे, वहीं अभ्यर्थियों के लिए बैठने, पानी और शौचालय तक की व्यवस्था नहीं थी। यह आरोप समाज सेवी नाथूराम चौहान ने शुक्रवार को नाहन में आयोजित पत्रकार वार्ता में जड़े। उन्होंने इस परीक्षा को रद्द करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि पूरे जिले के अभ्यर्थियों को सरकार की ओर से हायर एक एजेंसी के माध्यम से परीक्षा के लिए पांवटा साहिब बुला लिया गया। यहां पर उनके बैठने तक की व्यवस्था नहीं थी। परीक्षा को लेकर मापदंड स्पष्ट नहीं किए गए। ऐसे में कई अभ्यर्थियों को बिना परीक्षा के ही लौटना पड़ा। एक विश्राम गृह में 4500 के करीब एकत्रित हो गए। 40 डिग्री तापमान में गर्भवती और छोटे बच्चों वाली अभ्यर्थी महिलाओं को परेशानी झेलनी पड़ी। नाथू राम चौहान ने इस प्रकरण में प्रदेश सरकार की लचर व्यवस्था पर जहां आरोप जड़े, वहीं भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और स्थानीय भाजपा विधायक सुखराम चौधरी की चुप्पी पर भी संदेह जाहिर किया। उन्होंने कहा कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी विपक्ष की ओर से कोई टिप्पणी या विरोध नहीं किया गया। परीक्षा के दौरान कुछ खास पहुंच वाली महिला अभ्यर्थियों को बेक डोर एंट्री दी गई। समाजसेवी नाथू राम चौहान ने पत्रकार वार्ता के बाद एनटीटी भर्ती मामले में उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा को ज्ञापन सौंपा उन्होंने परीक्षा को रद्द करने के साथ-साथ मामले में उचित कार्रवाई का आग्रह किया।