243 साल पुराने शमशेर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्र) नाहन की दीवारों पर ज्ञान का भंडार उकेरा गया है। प्रधानाचार्य राजकुमार चौहान ने विद्यार्थियों का ज्ञान बढ़ाने के मकसद से विद्यालय परिसर की दीवारों को खुली किताब का रूप दिया है। उन्होंने दीवारों पर देश और प्रदेश के महत्वपूर्ण गरिमामयी पदों के पूरे इतिहास का चस्पा किया है। उनका मकसद है कि विद्यार्थी देश-प्रदेश के इतिहास से रूबरू करवाना है, ताकि वह इसे पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा सकें। इस मकसद से स्कूल की रेलिंग की दीवारों पर राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोक सभा स्पीकर, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री, राज्यपाल, विधासभा अध्यक्ष, होईकोर्ट के न्यायाधीशों का पूरा इतिहास उकेरा गया है। इसमें उनके कार्य करने के क्रम अनुसार, अवधि और उपलब्धि को भी दर्शाया गया है। यही नहीं, विद्यार्थी अपने देश के महत्वपूर्ण वैज्ञानिकों और नोबल पुरस्कार विजेताओं से रूबरू हो सकें, इसलिए, उनके नाम भी दीवारों पर चस्पा किए गए हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों को हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थति और दूसरी अहम जानकारी देने का प्रयास हुआ है। इसके लिए हिमाचल प्रदेश का इतिहास भी चित्र के माध्यम से दीवार पर उकेरा गया है। देश की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और ब्रहमांड का चित्र भी दीवारों पर बनाए गए हैं। मंच पर भारत के संविधान को भी दर्शाया गया है। इसमें संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर लोगों को अपनी और आकर्षित कर रही है।