डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन की आपातकालीन सेवाओं में वरिष्ठ चिकित्सकों की कमी को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इमरजेंसी में अनुभवी चिकित्सकों की अनुपलब्धता के कारण गंभीर मरीजों को समय पर उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। जबकि कुछ मामलों में रेफर करने में भी अनावश्यक देरी की जाती है। इससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है। अंधेरी पंचायत के पूर्व प्रधान जगत सिंह ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि इमरजेंसी वार्ड में वरिष्ठ चिकित्सकों की नियमित तैनाती सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि मेडिकल कॉलेज जिले का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान है, जहां दूर-दराज क्षेत्रों से गंभीर मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इमरजेंसी सेवाओं में अनुभवी डॉक्टरों की मौजूदगी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हाल ही में एक गंभीर रूप से बीमार बच्चे को करीब दो घंटे तक मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में रखा गया। बाद में उसे अन्य अस्पताल के लिए रेफर किया गया। उनका आरोप है कि यदि बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए समय रहते रेफर कर दिया जाता तो संभवतः उसकी जान बचाई जा सकती थी। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में अस्पताल प्रबंधन के प्रति रोष व्याप्त है। मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा अधीक्षक ने भी माना है कि स्टाफ की कमी के कारण कुछ सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार और उच्च अधिकारियों को लगातार अवगत कराया जा रहा है। उपलब्ध स्टाफ के माध्यम से बेहतर और व्यवस्थित स्वास्थ्य सेवाएं देने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।