सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में एक स्थानीय कंपनी से हटाई गई महिला कर्मियों के समर्थन में किया गया एक दिवसीय धरना प्रदर्शन प्रशासन की मध्यस्थता के बाद समाप्त हो गया। एसडीएम की मौजूदगी में कंपनी प्रबंधन से हुई बातचीत के बाद प्रभावित महिला कर्मचारियों को मुआवजा देने का आश्वासन मिलने पर गतिरोध खत्म हुआ। मजदूर नेता प्रदीप चौहान ने बताया कि धरना स्थानीय कंपनी से हटाई गई महिला कर्मियों के समर्थन में आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को उनके अधिकार मिलना चाहिए और मेहनतकश कामगारों के हितों की रक्षा के लिए भविष्य में भी आवाज उठाई जाएगी। उन्होंने बताया कि धरने के दौरान स्थानीय विधायक सुखराम चौधरी, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अश्वनी शर्मा तथा प्रशासन के अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया। बाद में एसडीएम ने कंपनी प्रबंधन से बातचीत की, जिसके बाद प्रभावित महिलाओं को उचित मुआवजा देने का सकारात्मक आश्वासन मिला। प्रदीप चौहान ने कहा कि प्रदेश के स्थानीय युवाओं को केवल श्रमिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि उनकी योग्यता और अनुभव के अनुरूप उच्च पदों पर भी अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे बाहरी राज्यों के लोगों को रोजगार दिए जाने के विरोधी नहीं हैं, लेकिन स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने विधायक, प्रशासन, सामाजिक संगठनों, मीडिया और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन, उद्योग प्रबंधन और समाज के संयुक्त प्रयासों से श्रमिकों के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।