शहर के कई वार्डों में स्ट्रीट लाइटें खराब होने के कारण शाम ढलते ही गलियों और रास्तों में अंधेरा छा जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय पैदल चलने वाले लोगों को कई जगह मोबाइल की टॉर्च का सहारा लेना पड़ रहा है। शहर के वार्ड नंबर-8 रानीताल, वार्ड नंबर-10 कच्चा टैंक और वार्ड नंबर-2 हरिपुर की कई गलियों में लंबे समय से स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार लाइटें खराब होने के कारण शाम के बाद इन रास्तों से गुजरना मुश्किल हो जाता है। अंधेरे के कारण लोगों को ठोकर लगने और किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर में रात के समय पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था होना जरूरी है। खासकर उन गलियों में जहां लोगों की आवाजाही अधिक रहती है, वहां खराब लाइटों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाना चाहिए। लोगों का आरोप है कि तकनीकी खराबी सामने आने के बावजूद कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत समय पर नहीं हो रही है। इससे समस्या लगातार बनी हुई है। शाम होते ही अंधेरा होने के बाद बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भी आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ती है। स्थानीय निवासी राजेश कुमार, आकाश, मुस्कान, आकांक्षा और पूनम भंडारी ने नगर परिषद से समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि खराब स्ट्रीट लाइटों की जांच करवाकर उन्हें जल्द दुरुस्त किया जाए, ताकि रात के समय लोगों को सुरक्षित आवाजाही की सुविधा मिल सके। लोगों ने नगर परिषद से शहर के सभी वार्डों में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों का सर्वे करवाने और जहां जरूरत हो वहां नई लाइटें लगाने की भी मांग की है।