जिला परियोजना अधिकारी कार्यालय (समग्र शिक्षा) की ओर से बीआरसीसी कार्यालय नाहन में सोमवार को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए चिकित्सा मूल्याकंन शिविर आयोजित किया गया। इसमें चार शिक्षा खंडों से आए प्री प्राइमरी से 12वीं कक्षा तक के विशेष आवश्यकता वाले बच्चों ने भाग लिया। इन बच्चों का भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) चनालोन, पंजाब से आए डॉक्टरों की टीम ने जांच की। इसका मकसद विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को कृत्रिम अंग व जरूरी का सामान उपलब्ध करवाना है। इसके लिए जिला परियोजना अधिकारी कार्यालय की ओर से प्रत्येक शिक्षा खंड के लिए 10 हजार रुपये की राशि भी निर्धारित की गई है। सोमवार को सुरला, नाहन, सराहां व ददाहू खंड के बच्चों ने अपने अभिभावकों के साथ शिविर में पहुंचकर अपना मेजरमेंट करवाया। शिविर का डाइट नाहन के प्रधानाचार्य हिमांशु भारद्वाज व योजना की समन्वयक शिवानी थापा ने निरीक्षण भी किया। गौरतलब रहे कि एलिम्को दिव्यांग बच्चों के लिए कृत्रिम अंग, ऑर्थोटिक्स, श्रवण यंत्र, गतिशीलता सहायता जैसे व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल और शिक्षण सामग्री जैसे एमएसआईईडी किट जैसी कई तरह की चीजें उपलब्ध कराता है। ये उपकरण दिव्यांग बच्चों की शारीरिक कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने और उनकी शिक्षा और दैनिक गतिविधियों में मदद करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। शिवानी थापा ने बताया कि माजरा, पांवटा साहिब, खोरोंवाला के लिए 11 नंवबर को पांवटा साहिब में और सतौन, कफोटा, बकरास व शिलाई खंड के बच्चों के लिए 12 नवंबर को शिलाई में यह शिविर लगाया जाएगा। इसके अलावा राजगढ़, नौहराधार, नारग व संगड़ाह खंड के लिए राजगढ़ में 13 नवंबर को यह शिविर लगेगा। पहले दिन करीब 95 बच्चों ने अपना पंजीकरण करवाया है।