संयुक्त पटवारी कानूनगो महासंघ जिला सिरमौर ने राजस्व कर्मचारियों को स्टेट कैडर में शामिल करने का कड़ा विरोध जताते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ का कहना है कि सरकार जब तक इस निर्णय को नहीं बदलती है तब तक वह आपदा को छोड़कर कोई भी दूसरा सरकारी कार्य नहीं करेंगे। उन्होंने सरकार से पुरजोर मांग की कि पटवारी एवं कानूनगो का जिला संवर्ग यथावत रखा जाए। अपनी इस मांग को लेकर संघ का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को महासचिव रजनीश शर्मा की अगुवाई में एडीसी नाहन से मिला और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में शामिल महासचिव रजनीश शर्मा समेत दो दर्जन कानूनगो व पटवारियों ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री को बताया कि कैबिनेट बैठक में जो राजस्व कर्मचारियों को स्टेट कैडर में शामिल करने का निर्णय लिया है उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि 12 जुलाई को संघ की वर्चुअल बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें मुख्य रूप से यह निर्णय लिया गया कि 15 जुलाई से सभी सदस्य जो आधिकारिक रूप से व्हाट्सएप समूह चलाए जा रहे हैं उसे एग्जिट कर देंगे और कोई भी सरकारी कार्य नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी समूह सदस्यों ने अपने निजी मोबाइलों पर चलाए हुए हैं और सरकार की ओर से उन्हें कोई मोबाइल भी उपलब्ध नहीं करवाए गए हैं और न ही इंटरनेट की कोई सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि इस दौरान केवल आपदा से संबंधित कार्य ही किए जाएंगे क्योंकि यह कार्य आम जनमानस से जुड़े होते हैं। ज्ञापन देने के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए महासचिव रजनीश शर्मा ने कहा कि एक पटवार सर्कल के तहत चार-चार पंचायतें आती है पंचायत में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है मगर पटवार सर्कल में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है जिसके कारण उन्हें कार्य करने में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी प्रकार की कई मांगों को लेकर पिछले डेढ़ वर्ष में मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री और विभाग के तमाम बड़े अधिकारियों से भी मुलाकात की जा चुकी है लेकिन अभी तक कोई भी समाधान नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि स्टेट कैडर और इन मांगों को लेकर 17 जुलाई को कूल्लू में संघ की राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें कई निर्णय लिया जाएंगे और यदि सरकार ने स्टेट कैडर के निर्णय को वापस नहीं लिया तो आंदोलन भी हो सकता है।