सीटू जिला सिरमौर कमेटी की बैठक रविवार को नाहन में कार्यकारी अध्यक्ष सुरजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में मजदूरों, किसानों, खेत मजदूरों, कर्मचारियों और अन्य मेहनतकश वर्ग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए आगामी आंदोलनों की रणनीति तय की गई। बैठक को संबोधित करते हुए सीटू के राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, जिला प्रभारी जगत राम और जिला महासचिव आशीष कुमार ने केंद्र सरकार की आर्थिक और श्रम नीतियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, बैंक, बीमा, बिजली, परिवहन और प्राकृतिक संसाधनों के निजीकरण से आम लोगों और श्रमिक वर्ग के हित प्रभावित हो रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौतों का असर कृषि क्षेत्र, विशेषकर हिमाचल प्रदेश के सेब, बागवानी और अन्य कृषि उत्पादों पर पड़ सकता है। उन्होंने मनरेगा के तहत 200 दिन रोजगार, प्रतिदिन 600 रुपये न्यूनतम मजदूरी, समय पर भुगतान, शहरी रोजगार गारंटी कानून लागू करने तथा लेबर कोड वापस लेने की मांग दोहराई। बैठक में निर्णय लिया गया कि 25 जुलाई को शिमला, 29 जुलाई को दिल्ली में आयोजित प्रदर्शनों तथा 10 अगस्त के जेल भरो आंदोलन में सिरमौर से बड़ी संख्या में मजदूर, किसान, खेत मजदूर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मिड-डे मील वर्कर्स, आशा वर्कर्स और अन्य संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए पूरे जिले में जनसंपर्क अभियान चलाने का फैसला लिया गया। बैठक में आंगनवाड़ी यूनियन की जिला महासचिव एवं सीटू जिला कोषाध्यक्ष वीना, जिला उपाध्यक्ष इंदु तोमर, नीलम शर्मा, सुमन ठाकुर, मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन के जिला महासचिव संदीप, जिला अध्यक्ष विनीत, सुदेश, वीरेंद्र, कॉमरेड सत्या, श्याम दत्त, देवकुमारी, लीला, माया, अंजू, ममता, श्यामा, शीला सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।