पिछले कई सालों से सूचना का अधिकार अधिनियम के माध्यम से जानकारी एकत्रित कर करोड़ों रुपये के घोटालों को उजागर किया जा रहा है। समय-समय पर मामलों में कार्रवाई को लेकर संबंधित विभागों सहित सरकार के संज्ञान में भी लाया जा रहा है। लेकिन किसी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यह आरोप नाहन में आयोजित पत्रकारवार्ता में आरटीआई कार्यकर्ता चतर सिंह ने लगाए। उन्होंने कहा कि मामलों प्रदेश में चाहे किसी भी पार्टी की सरकार रही हो, सभी के कार्यकाल के दौरान उन्होंने घोटालों को उजागर किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि आज आलम यह है कि प्रदेश में घोटालों के मामले में बिहार जैसा माहौल बन गया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार व घोटालों पर कार्रवाई को लेकर सरकार कहती है कि नंबर जारी किए गए हैं, उनपर शिकायत करें, लेकिन शिकायत करने पर उल्टा शिकायतकर्ता को ही परेशान किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कालाअंब व बद्दी की दो औद्योगिक इकाइयों से ही कई करोड़ के घोटाले को उन्होंने उजागर किया, लेकिन उसे भी दबाने की कोशिश की जा रही है।