अधिवक्ता अधिनियम 1961 में संशोधन के विरोध में वकीलों ने लगातार चौथे दिन कोर्ट के कार्यों का बहिष्कार किया। बिल में संशोधन के विरोध में अब वकीलों की ओर से मांग पूरी होने तक विरोध जारी रखने की रणनीति तैयार की जा रही है। इस मौके पर वकीलों ने दो टूक शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता अधिनियम 1961 में जो संशोधन किया जा रहा है, उसमें अधिवक्ताओं के हितों की अनदेखी की जा रही है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सिरमौर जिला बार एसोसिएशन नाहन के अध्यक्ष अमित अत्री, शकील अहमद शेख, अमित अग्रवाल आदि ने कहा कि यह बिल वकीलों के हित में नहीं है और यह बिल अधिवक्ताओं की स्वतंत्रता को सीधे तौर पर बाधित करता है। ऐसे में जगह-जगह इस बिल का विरोध किया जा रहा है।