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VIDEO : कल्पा में ग्रामीणों ने वाद्य यंत्रों की धुनों के साथ देवी देवताओं को दी विदाई

किन्नौर जिले में सर्दियां शुरू होते ही अलग अलग पर्व शुरू हो जाते हैं। किन्नौर जिले के कल्पा में ग्रामीणों ने स्थानीय देवता ब्रह्मा विष्णु, नारायण और नागिन जी को पारम्परिक रूप से विदाई दी है। बता दे कि इस पर्व को साजो पर्व कहा जाता है तथा नव वर्ष के आगमन पर यह पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। स्थानीय ग्रामीणों ने सुबह 4 बजे उठ कर तरह तरह के पारम्परिक किन्नौरी व्यंजन बना कर देवी देवताओं की पूजा कर उन्हें विदाई दी है। मान्यता के अनुसार देवी देवता स्वर्गवास के लिए रवाना हुए है तथा पंद्रह दिनों बाद फिर अपने अपने मंदिर में प्रवास करेंगे तथा इस दिन भी मंदिर प्रांगण में पारम्परिक रूप से स्वागत करेंगे। स्थानीय गांव के देवता ब्रह्मा विष्णु, नारायण तथा नागिन जी के मोहतमी सुदर्शन नेगी ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन इस साजो पर्व का आयोजन धूमधाम के साथ किया जाता है तथा देवी देवता पंद्रह दिनों के लिए स्वर्गलोक के लिए जाते है तथा पंद्रह दिनों के बाद उनके आगमन पर धूमधाम से मंदिर प्रांगण में स्वागत किया जाता है। उन्होंने कहा कि साजो पर्व में स्थानीय देवी देवता अपने खेत में आते है तथा वहीं से उनकी विदाई की जाती है। उन्होंने कहा कि स्थानीय ग्रामीण पारम्परिक रूप से वेशभूषा पहन कर लोक नृत्य करते है तथा देवी देवताओं को खुश करके उन्हें विदा किया जाता है। उन्होंने कहा कि इसी तरह पंद्रह दिनों बाद स्थानीय देवी देवताओं के आगमन पर धूमधाम के साथ स्वागत किया जाएगा। इसीतरह कल्पा गांव में साजो त्यौहार पर ग्रामवासियों द्वारा अपने इष्ट देवी देवताओं को मेला लगा कर व वाद्य यंत्र बजा कर विदा किया है।

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