रामपुर शहर के विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध करवाने की कवायद के बीच नगर परिषद ने अंतरराष्ट्रीय लवी मेले को अपने अधीन लेने की मांग उठाई है। नगर परिषद की मासिक बैठक में सभी पार्षदों ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए इसे पारित कर दिया। अब नगर परिषद का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही शिमला जाकर मुख्यमंत्री के समक्ष यह मांग रखेगा। नगर परिषद अध्यक्ष करण शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई दूसरी मासिक बैठक में शहर के लंबित विकास कार्यों और नए कार्यों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में नगर परिषद के सभी नौ वार्डों से जुड़े मुद्दे उठाए गए। पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों में रास्तों, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज और सफाई व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। नगर परिषद अध्यक्ष करण शर्मा ने कहा कि शहर में विकास कार्य करवाने के लिए फंड की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में नगर परिषद का मानना है कि रामपुर का अंतरराष्ट्रीय लवी मेला नगर परिषद के अधीन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि मेला नगर परिषद की देखरेख में आयोजित होता है तो इससे होने वाली आय को शहर के विकास कार्यों पर खर्च किया जा सकेगा। इस संबंध में नगर परिषद ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है और जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस मांग को उनके समक्ष रखा जाएगा। बैठक में शहर के सभी वार्डों में रास्तों के निर्माण और स्ट्रीट लाइट लगाने से संबंधित प्रस्ताव पारित किए गए। पार्षदों ने कई घरों के सीवरेज लाइन से नहीं जुड़ने का मुद्दा भी उठाया। बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि कोई भवन मालिक सीवरेज लाइन को अपने भवन तक पहुंचाने से मना करता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नगर परिषद ने शहर के प्रत्येक घर को बेहतर बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने को प्राथमिकता बताया। गांधी पार्क से इंदिरा मार्केट को जोड़ने वाले रास्ते पर असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों की गतिविधियों को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। समस्या से निपटने के लिए वार्ड नंबर तीन के गांधी पार्क में गुमटी बनाने का फैसला लिया गया है। इस गुमटी में पुलिस जवान की तैनाती की जाएगी। साथ ही क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखने की व्यवस्था भी की जाएगी। नगर परिषद का मानना है कि इससे राहगीरों की सुरक्षा बढ़ेगी और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। बैठक में शहर के विभिन्न वार्डों में खुले में कचरा फेंके जाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। नगर परिषद ने लोगों से अपील की कि वे कचरा निर्धारित स्थानों पर ही डालें और शहर को स्वच्छ रखने में सहयोग करें। बढ़े हुए कचरा शुल्क को लेकर भी पार्षदों ने चर्चा की। बैठक में बताया गया कि यह शुल्क पूर्व की नगर परिषद के कार्यकाल में निर्धारित किया गया था और प्रदेश की अन्य नगर परिषदों तथा नगर पंचायतों में भी इसी तरह की दरों के अनुसार शुल्क लिया जा रहा है। बैठक में विभिन्न वार्डों के विकास कार्यों से संबंधित प्रस्ताव रखे गए। नगर परिषद ने लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने और स्वीकृत नए कार्यों में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। नगर परिषद अध्यक्ष करण शर्मा ने कहा कि शहर का समग्र विकास परिषद की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हर घर तक रास्ता, स्ट्रीट लाइट और सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए परिषद लगातार काम कर रही है। उन्होंने शहरवासियों से स्वच्छ और सुंदर रामपुर बनाने में सहयोग की अपील भी की।