रामपुर हाइड्रो पॉवर स्टेशन कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन 412 मेगावाट ने मई माह के वेतन का भुगतान ना करने और 19 जून 2023 को दिए गए 11 सूत्रीय मांग पत्र पर हुए समझौते को लागू न करने, काम के आधार पर पद न देने व अनुचित श्रम व्यवहार व प्रबंधन के मजदूर विरोधी रवैये के खिलाफ आज बायल, दत्तनगर और झाकड़ी में विरोध प्रदर्शन किये। प्रदर्शनों को सम्बोधित करते हुए सीटू जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, सचिव अमित, यूनियन अध्यक्ष आनन्द मेहता व यूनियन महासचिव नीलदत्त शर्मा ने कहा कि रामपुर हाइड्रो पावर स्टेशन 412 मेगावाट में कार्यरत मजदूरों को मई माह का वेतन नहीं दिया गया है, जबकि कानूनन 7 तारीख से पहले वेतन का भुगतान किया जाना है। मजदूर नेताओं ने कहा कि यूनियन के द्वारा सतलुज जल विद्युत निगम प्रबंधन को 19 जून 2023 को मांगपत्र दिया था, जिसमें प्रमुख मांगें परियोजना में काम कर रहे मजदूरों के लिए पदोन्नति नीति, सामूहिक बीमा, काम के आधार पर पद, वर्दी भत्ता, वर्दी धुलाई भत्ता, यात्रा भत्ता में बढ़ोतरी, दत्तनगर कॉलोनी साइट में कैंटीन, रोगी वाहन, शिफ्ट में काम कर रहे मजदूरों को शिफ्ट गाड़ी व कुशवा, खरगा व तुनुन, पोषना व अन्य पंचायत से आ रहे मजदूरों के लिए जगातखाना होकर बस चलाने व कटे हुए ट्रेड को द्वारा से लगाना आदि मुख्य मांगें थी। जिस पर प्रबंधन और यूनियन के बीच 25 नवंबर 2023 को लिखित समझौता भी हुआ। जिसमें प्रबंधन के द्वारा सभी मांगों को माना था परंतु उन्हें लागू नहीं किया गया। अभी भी यूनियन की 5 मांगे लंबित है। जब बार बार यूनियन ने समझौते को लागू करने के लिए प्रबंधन को कहा तो प्रबंधन द्वारा मजदूरों की बातों को नजरअंदाज कर दिया। समझौते को लागू करने के संदर्भ में यूनियन ने 6 अप्रैल 2024 को प्रबंधन को लिखित पत्र दिया था, जिस पर प्रबंधन द्वारा कोई उचित बातचीत नही की है। जब मजदूरों द्वारा समझौते को लागू करने के लिए प्रदर्शन किया जा रहा है, तो प्रोजेक्ट प्रबंधन द्वारा मजदूरों के साथ अनुचित श्रम व्यवहार किया रहा है।