अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष पर रामपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए चित्रकला, नारा-लेखन और शैक्षणिक मॉडल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने प्रतिभा के जौहर दिखाए। कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की रचनात्मकता, नवाचार और प्रारंभिक बाल शिक्षा के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना था। प्रतियोगिता में विभिन्न वृत्त से से आई आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसमें रामपुर प्रोजेक्ट के अधीन सभी वृत्त की कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने हिस्सा लिया। इस वर्ष प्रतियोगिता की थीम गीव टू गेन रखी गई, जिसके माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जब हम बच्चों और महिलाओं को शिक्षा, पोषण, अवसर और मार्गदर्शन देते हैं, तो समाज को एक सशक्त और उज्ज्वल भविष्य प्राप्त होता है। प्रतिभागियों की ओर से प्रस्तुत आकर्षक पेंटिंग, प्रेरणादायक स्लोगन और प्रारंभिक बाल शिक्षा से संबंधित रचनात्मक मॉडल को निर्णायकों एवं उपस्थित अधिकारियों ने सराहना की। कार्यक्रम के अंत में घोषणा की गई कि प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को 8 मार्च को नवाजा जाएगा। इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी रामपुर शशि ठाकुर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के सर्वांगीण विकास की पहली और सबसे महत्वपूर्ण सीढ़ी हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियां आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में नवाचार, आत्मविश्वास और कार्य के प्रति प्रेरणा को बढ़ाती हैं। बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को भविष्य में भी इसी प्रकार रचनात्मक गतिविधियों में बढ़चढ़ कर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।