छह साल की नाबालिग बच्ची से दुराचार के प्रयास के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पोक्सो कोर्ट) किन्नौर स्थित रामपुर ने दोषी को 20 वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने यह फैसला मामले में 18 गवाहों के साक्ष्य दर्ज करने के बाद सुनाया। सरकार की ओर से मुकदमे की पैरवी कर रहे उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि दोषी रोशन लाल बंजारा (45), पुत्र स्व. शोला बंजारा, निवासी राजसमंद, राजस्थान, वर्तमान में झाकड़ी की रेहड़ी मार्केट में रहता था। वह आइसक्रीम बेचने का ठेला पीड़िता की मां की मनियारी की दुकान के पास लगाता था। मामला 3 अक्तूबर 2025 का है। छह साल की बच्ची अपने भाई के साथ दुकान के सामने खेल रही थी। इसी दौरान आरोपी बच्ची को आइसक्रीम खिलाने के बहाने अपने ठेले पर ले गया। उस समय बच्ची की मां दुकान पर ग्राहक को सामान देने में व्यस्त थी। कुछ देर बाद जब बच्ची की मां उसे लेने आइसक्रीम के ठेले पर पहुंची तो उसने आरोपी को बच्ची के साथ गलत हरकत करने का प्रयास करते देखा। मां ने तुरंत आरोपी को धक्का देकर बच्ची को उसके चंगुल से छुड़ाया। अभियोजन के अनुसार उस समय आरोपी ने शराब पी रखी थी। घटना के बाद बच्ची की मां ने पुलिस थाना पहुंचकर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अदालत में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कुल 18 गवाहों के बयान दर्ज किए। साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप साबित होने पर अदालत ने उसे पोक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत 20 वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।