उपमंडल रामपुर में भगवान परशुराम ने चार ठहरियों की स्थापना की थी। इन चार ठहरियों में भगवान् परशुराम की जयंती धूमधाम से आयोजित होती है। इस वर्ष तीसरी ठहरी लालसा में परशुराम जन्मोत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भगवान परशुराम जी की पालकी जेठी ठहरी शनेरी से लालसा पहुंची। उनके साथ ही देवता साहेब धमुख डंसा, देवता साहेब झाहरूनाग जी शनेरी, देवता साहेब यगेश्वर महाराज जी शिंगला से पहुंचे। देवता साहब दोगनू जी ने अपने नव निर्मित मंदिर प्रांगण में सभी अतिथि देवताओं का स्वागत किया। त्रेता युग में भगवान परशुराम जी द्वारा इन चार ठहरियों की स्थापना की गयी थी और चारो ठहरोयों में मुख्यत: ब्राह्मणों का ही वास है। इस मेले के आयोजन के पीछे विलुप्त होती चार ठहरियों की संस्कृति को पुन: जीवित करना और उसका संरक्षण करना है। मंगलवार को लालसा में भगवान परशुराम जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। चार आराध्य देवताओं सहित हजारों ग्रामीणों ने इस पर्व को हर्षोल्लास से मनाया। ग्रामीणों में पर्व को लेकर खासा उत्साह देखा गया। दिन भर लोग पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर नाचते रहे। मंदिर कमेटी द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया।