शिमला जिले के रामपुर उपमंडल के दुर्गम 15/20 क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं को लेकर मंगलवार को भाजपा मंडल सराहन ने विरोध प्रदर्शन किया। सात पंचायतों से पहुंचे ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र आज भी सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पशुपालन और यातायात जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि गानवी क्षेत्र में पिछले एक वर्ष से यातायात व्यवस्था ठप पड़ी है, जिससे तीन पंचायतों का संपर्क प्रभावित है। किसानों, बागवानों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और मरीजों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि अब तक न तो पुल का निर्माण हुआ है और न ही कोई वैकल्पिक मार्ग तैयार किया गया है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य संस्थानों और पशु औषधालयों में स्टाफ की कमी का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि सात पंचायतों के वेटनरी डिस्पेंसरी में फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारियों के पद खाली हैं, जिससे पशुपालकों को उपचार के लिए दूसरे क्षेत्रों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इसके अलावा फांचा, क्याव, सरपारा और गानवी के स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पद भरने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सेवाओं में कमी का सीधा असर ग्रामीणों के जीवन पर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि सेब सीजन नजदीक है, लेकिन क्षेत्र की सड़कों की स्थिति खराब बनी हुई है। स्पेन (सड़क सुरक्षा जाल) नहीं लगाए गए हैं, जिससे बागवानों की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने सरकार से जल्द सड़कों की मरम्मत और आवश्यक सुरक्षा कार्य पूरे करने की मांग की। भाजपा नेता कौल सिंह की अगुवाई में प्रदर्शन कर रहे प्रतिनिधियों ने एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। कौल सिंह ने आरोप लगाया कि दुर्गम क्षेत्र की सात पंचायतों की लंबे समय से अनदेखी की जा रही है और हजारों ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया तो भाजपा स्थानीय लोगों के साथ मिलकर बड़ा जन आंदोलन करेगी। प्रदर्शन में सराहन भाजपा मंडल अध्यक्ष महेंद्र जैन, अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष अमोलक राम, क्याव पंचायत प्रधान अशोक मेहता, महिला मोर्चा अध्यक्ष वीना परमार सहित अन्य कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।