चीन अधिकृत तिब्बत सीमा को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे पांच बर्फबारी और भूस्खलन के कारण करीब 12 स्थानों पर बाधित हो गया है। जनजातीय जिला किन्नौर का संपर्क शनिवार को चौथे दिन देश दुनिया से कटा रहा। बर्फबारी थमने के बाद भी जिले के लोगों की दुश्वारियां समाप्त नहीं हो पाई हैं। जिले के अधिकांश ग्रामीण रूटों पर बसों की आवाजाही ठप पड़ी है, जबकि तीनों ब्लॉकों के अधिकतर इलाकों में शुक्रवार से अंधेरा पसरा हुआ है। बर्फबारी के बाद जिले में जन जीवन अस्त-व्यस्त है। मौसम शनिवार को खुल गया, लेकिन किन्नौर जिले में हुई भारी बर्फबारी के कारण लोगों की समस्याएं अभी भी बरकरार हैं। बर्फबारी और भूस्खलन के कारण जिले की प्राकृतिक टनल चौरा के पास, निगुलसरी थाच नाला, नाथपा, टापरी के पागल नाला, उरनी ढांक, लाल ढांक, पूर्वणी झूला, पांगी नाला, जंगी नाला, भगत नाला, टिंकू नाला सहित अन्य जगहों पर नेशनल हाईवे पांच बाधित हो गया है। ऐसे में शिमला और चंडीगढ़ की ओर जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानियां झेलनी पड़ी। जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से नाथपा और पूह काजा की ओर स्पीलो तक निगम की बसों की आवाजाही हो रही है। जिले में बर्फबारी से 62 सड़कें अभी भी अवरुद्ध हैं। वहीं बर्फबारी के जिले के कल्पा, पूह और निचार खंड के अधिकांश इलाकों में शुक्रवार से अंधेरा पसरा हुआ है। बर्फबारी से विद्युत लाइनों को क्षति पहुंची है। जिले में अभी भी 325 डीटीआर बंद पड़े हैं, जिस कारण ग्रामीण इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। बिना बिजली जिले के हजारों लोगों को कंपकंपाती ठंड में ठिठुरने को मजबूर होना पड़ रहा है।