पोवारी के नजदीक निर्माणाधीन शोगठोंग कड़छम परियोजना से इन दिनों धूल उठने से तीन पंचायतों के बागवानों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। सुबह से लेकर शाम तक धूल उठने से लोगों को सेब के बगीचों में काम करना मुश्किल हो गया है। किन्नौर के शोंगठोंग कड़छम 420 मेगावॉट परियोजना के पोवारी समीप निर्माणाधीन परियोजना का कार्य इन दिनों जोरो से चला है जिसके चलते आसपास के क्षेत्र के लोगो को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस क्षेत्र में ब्लास्टिंग लगाने की वजह से धूल उड़ रहा है और तांगलिंग,पोवारी, ख्वांगी के बागवानों के सेब बगीचों को नुकसान पहुंच रहा है। इसके साथ ही धूल के कारण लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है और कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग नीलम नेगी और रवींद्र नेगी ने प्रशासन और परियोजना प्रबंधन से मांग की है कि ब्लास्टिंग के दौरान पानी का छिड़काव किया जाए ताकि धूल न उड़े और लोगों को परेशानी न हो। साथ ही, उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि परियोजना के कारण होने वाले नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो उनकी आजीविका पर गंभीर संकट आ सकता है। उनका कहना है कि ब्लास्टिंग के वजह से मकानों में दरारें भी आई है। उधर, उपमंडलाधिकारी कल्पा मेजर डॉ शशांक गुप्ता ने बताया कि परियोजना के कार्य के दौरान पानी का छिड़काव किया जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा इसकी जांच के लिए मौके पर जाकर जांच की जाएगी ताकि बागवानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।