नवरत्न कंपनी सतलुज जल विद्युत निगम की 1500 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना में संविदा मजदूरों का अनिश्चितकालीन प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। यूनियन ने दो टूक शब्दों में प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी लंबित मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया और वर्ष 2025 का समझौता लागू नहीं किया गया तो आगामी 23 जुलाई को सभी मजदूर पूर्ण हड़ताल पर चले जाएंगे। धरने को संबोधित करते हुए यूनियन अध्यक्ष राजकुमार ने कहा कि प्रबंधन लगातार मजदूरों के हकों की अनदेखी कर रहा है। श्रम कानूनों का सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है, जिसे मजदूर वर्ग अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हड़ताल के कारण परियोजना में किसी भी प्रकार का गतिरोध पैदा होता है तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी परियोजना प्रबंधक की होगी। यूनियन के उपाध्यक्ष गुरदास और महासचिव कामराज ने बताया कि मजदूर पिछले लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन प्रबंधन के अडिय़ल रवैये के कारण अब आंदोलन को तेज करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 23 जुलाई की हड़ताल ऐतिहासिक होगी और जब तक मांगें पूरी नहीं होगी, तब तक लड़ाई जारी रहेगी।