बाबा भूतनाथ मंदिर मंडी में शानिवार को माखन से पहला स्वरूप अघंजर महादेव धर्मशाला का किया गया है। यह मंदिर धर्मशाला के खनियारा में स्थित है। अघंजर महादेव मंदिर एक प्राचीन सिद्ध पीठ है। जिसका संबंध महाभारत काल से जुड़ा है। मान्यता है कि पांडव पुत्र अर्जुन को भगवान श्रीकृष्ण ने भोलेनाथ की उपासना करने को कहा। अर्जुन ने इसी स्थान पर बैठकर घोर तप करके भोलेनाथ को प्रसन्न किया था और पशुपति अस्त्र की प्राप्ति की थी। पांडवों ने महाभारत के युद्ध में अपने गुरुओं, भाइयों और पूर्वजों का संहार किया था और पांडव इसी पाप से मुक्त होना चाहते थे। इस स्थान पर उस अर्जुन के कहने पर महादेव के एक और मंदिर की स्थापना की गई। इसे अघंजर महादेव का नाम दिया। सिख साम्राज्य काल में महाराजा रणजीत सिंह भी यहां आए थे और प्रभावित हुए थे। इस मंदिर में अखंड धूना प्रज्वलित है। यह स्थान आस्था, इतिहास और शांति का प्रतीक है।