निर्माण मजदूरों के लंबित कल्याणकारी लाभों के भुगतान की मांग को लेकर एटक के बैनर तले मजदूरों और कामगारों ने सोलन के मालरोड पर रैली निकाली। रैली पुराने विश्राम गृह से शुरू होकर उपायुक्त कार्यालय तक पहुंची। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड से वर्ष 2021 से लंबित विभिन्न कल्याणकारी लाभों का तत्काल भुगतान करने की मांग उठाई। एटक पदाधिकारियों ने दावा किया कि प्रदेश में लाखों निर्माण मजदूरों के छात्रवृत्ति, मातृत्व सहायता, चिकित्सा सहायता, पेंशन, विवाह सहायता सहित अन्य कल्याणकारी लाभों के दावे लंबे समय से लंबित हैं। उनके अनुसार करीब 300 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान वर्षों से नहीं हुआ है। भवन एवं कामगार मजदूर यूनियन के प्रधान जोगिंदर धीमान और प्रताप ठाकुर ने आरोप लगाया कि बोर्ड के पास सैकड़ों करोड़ रुपये का उपकर सेस जमा होने के बावजूद मजदूरों को उनके अधिकारों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्माण मजदूरों के लिए बनाई गई कल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य उन्हें सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध करवाना है। ऐसे में लंबे समय तक लाभ लंबित रहने से मजदूरों और उनके परिवारों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने ई-केवाईसी सत्यापन और अन्य जटिल प्रक्रियाओं का मुद्दा भी उठाया। यूनियन नेताओं का आरोप है कि इन प्रक्रियाओं के कारण वास्तविक निर्माण मजदूर भी अपने वैधानिक लाभों से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामला केवल लंबित भुगतान का नहीं, बल्कि निर्माण मजदूरों के सामाजिक सुरक्षा के अधिकार से जुड़ा है। एटक और यूनियन ने वर्ष 2021 से लंबित सभी कल्याणकारी लाभों का तत्काल भुगतान करने की मांग की।