मंडी जिले के नागचला में फोरलेन और पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग (ओल्ड एनएच) को जोड़ने वाला डायवर्जन एक बार फिर जलभराव की समस्या से जूझता नजर आया। हल्की बारिश के बाद ही सड़क पर पानी भर जाने से वाहन चालकों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। फोरलेन निर्माण के बाद से हर बारिश में डायवर्जन पर पानी जमा होने की स्थिति बन जाती है। सड़क पर जलभराव के कारण चारपहिया वाहन किसी तरह निकल जाते हैं, जबकि दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ता है। कई बार चालकों को गंदे पानी के बीच से वाहन निकालने पड़ते हैं, जिससे दुर्घटना और वाहन खराब होने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल निकासी के लिए बनाई गई नालियां कई स्थानों पर जाम हैं, जबकि कुछ जगह पर्याप्त निकासी व्यवस्था ही नहीं है। इसके चलते बारिश का पानी सीधे सड़क पर जमा हो जाता है और डायवर्जन तालाब जैसा दिखाई देने लगता है। हनुमान मंदिर के पुजारी ने बताया कि फोरलेन बनने के बाद से हर बरसात में यही स्थिति बनती है। उनका कहना है कि यदि नालियों की नियमित सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए तो लोगों को राहत मिल सकती है। समाजसेवी एसआर राजू ने कहा कि जलभराव के कारण इस मार्ग से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। उन्होंने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और लोक निर्माण विभाग से समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि बरसात के दौरान लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।