लडभड़ोल तहसील क्षेत्र में बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने की कवायद के खिलाफ अब मातृशक्ति उग्र हो गई है। सोमवार को क्षेत्र की महिलाओं ने स्मार्ट मीटर के विरोध में लडभड़ोल बाजार से लेकर विद्युत विभाग और तहसील कार्यालय तक रोष रैली निकाली और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध में महिला मंडल भड़ोल, रोपडू और सौं की सदस्यों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। रैली के उपरांत महिलाओं ने स्थानीय तहसीलदार के माध्यम से सरकार और विभाग को ज्ञापन सौंपकर स्मार्ट मीटर न लगाने की मांग की है। महिलाओं का नेतृत्व कर रहीं रेणु, रीना, तृप्ता, डिंपल और अंजू ने दो टूक कहा कि उन्हें स्मार्ट मीटर मंजूर नहीं हैं। उन्होंने तर्क दिया कि पहाड़ों में अधिकतर बुजुर्ग घरों में अकेले रहते हैं, जबकि उनके बच्चे कामकाज के सिलसिले में बाहर रहते हैं। बुजुर्गों के पास साधारण फोन हैं,उन्हें स्मार्ट फोन और ऑनलाइन रिचार्ज की कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में अंधेरा होने पर उन्हें यह भी पता नहीं चलेगा कि बिल कितना आया और रिचार्ज कैसे होगा। यह तकनीक उनके लिए किसी अनजान मुसीबत से कम नहीं है। महिलाओं ने रोष जताते हुए कहा कि जहां स्मार्ट मीटर लगे हैं, वहां से उपभोक्ताओं की शिकायतें आ रही हैं। कहीं 10 हजार तो कहीं 75 हजार रुपये तक के बिल आने के मैसेज लोगों को मिल रहे हैं। ऐसे में गरीब परिवार इतना बिल कैसे भरेंगे? ज्ञापन सौंपते हुए महिला मंडलों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार को स्मार्ट मीटर लगाने ही हैं, तो वह अपने खर्च पर लगाए। उपभोक्ताओं की जेब से इसके पैसे न काटे जाएं। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी सुनवाई नहीं हुई तो संघर्ष और तेज किया जाएगा।