वल्लभ कॉलेज के स्वयंसेवियों ने आपदा से प्रभावित सराज का दौरा किया और लोगों का हाल जाना। सराज गई स्वयंसेवी वंशिका और अभिषेक ने बताया कि वह रविवार सुबह आठ बजे निकले थे। कई गांवों का दौरा किया और राहत सामग्री समेत दूसरी सुविधाओं को लेकर लोगों से जाना। उन्होंने बताया कि जंजैहली के आखिरी गांव सांगलवाड़ गए तो वहां लोगों ने बताया कि 19 घर ध्वस्त हो चुके हैं। जमीनें बह गई हैं। फिलहाल उन लोगों को सबसे ज्यादा जरूरत तिरपाल की है। रेलचौक पहुंचकर लोगों से बात की तो उन्होंने बताया कि इससे ऊपर की तरफ आते गांवों मलवाड़, रेशम और कदवाड़ में राशन की जरूरत है। इसके अलावा जरोल पंचायत के कुछ गांवों में भी अभी तक राहत सामग्री नहीं पहुंच पाई है। वहां राशन का डिपो की बह गया है। जरोल के जुगांद, मुमराल, भराड़ में लोगों को राशन की 100 किटों की जरूरत है। स्वयंसेवियों ने कहा कि थुनाग, पांडवशीला और बगस्याड़ में प्रभावितों को राहत सामग्री मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को सांगल में स्वयंसेवी पीड़ितों को राहत के तौर पर तिरपाल उपलब्ध करवाएंगे। बता दें कि कॉलेज के स्वयंसेवियों ने एनएसएस प्रभारी दीपाली अशोक के नेतृत्व में मिशन फॉर सराज सेवा अभियान चलाया है। दो दिन में 59 हजार रुपये इकट्ठा कर चुके हैं।