सरकाघाट से धर्मपुर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क कैंची मोड़ के पास धंसने के कारण पूरी तरह बाधित हो गई है, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। प्रशासन द्वारा यातायात को वैकल्पिक मार्ग से डायवर्ट किया गया है, लेकिन यह मार्ग भी वाहनों के लिए सुरक्षित और सुगम साबित नहीं हो रहा। गुरुवार को इसी वैकल्पिक मार्ग पर एक एचआरटीसी बस बीच रास्ते में ही हांफ गई, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस जैसे ही संकरे और चढ़ाई वाले हिस्से में पहुंची, अचानक उसकी रफ्तार धीमी हो गई और कुछ ही देर में बस रुक गई। चालक द्वारा कई प्रयास करने के बावजूद बस आगे नहीं बढ़ पाई। इस दौरान बस में सवार यात्रियों को खुद उतरकर बस को धक्का देना पड़ा, तब जाकर किसी तरह बस को सड़क किनारे किया गया और यातायात बहाल हो सका। इस घटना के बाद यात्रियों में प्रशासन और लोकनिर्माण विभाग के प्रति रोष देखने को मिला। यात्रियों का कहना है कि जब मुख्य सड़क पहले से ही बंद है, तो वैकल्पिक मार्ग को सुरक्षित और सुचारू बनाना प्रशासन की जिम्मेदारी थी, लेकिन इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। एक यात्री ने कहा, “यह मार्ग न तो चौड़ा है और न ही मजबूत। बड़े वाहनों के लिए बिल्कुल उपयुक्त नहीं है। आज बस को धक्का देना पड़ा, कल कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।” लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कैंची मोड़ के पास धंसी सड़क को बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। विभाग का दावा है कि अगले कुछ दिनों में सड़क को यातायात के लिए पूरी तरह बहाल कर दिया जाएगा। हालांकि, जब तक मुख्य मार्ग बहाल नहीं होता, तब तक वैकल्पिक मार्ग पर यात्रियों को इसी तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की स्थायी मरम्मत के साथ-साथ वैकल्पिक मार्ग को भी दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की परेशानियों से बचा जा सके