सुंदरनगर से भाजपा विधायक राकेश जम्वाल ने शुक्रवार को विधानसभा में नियम 62 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार सत्ता में आते ही भाजपा सरकार द्वारा स्थापित संस्थानों को बंद करने की नियत से काम कर रही है। मंडी स्थित सरदार पटेल विश्वविद्यालय यानी एसपीयू को व्यवस्थित ढंग से कमजोर किया जा रहा है। जम्वाल ने कहा कि वर्ष 2022 में मंडी में एसपीयू की स्थापना भाजपा सरकार ने शिमला विश्वविद्यालय का बोझ कम और निचले हिमाचल के विद्यार्थियों को घर-द्वार पर उच्च शिक्षा की सुविधा के उद्देश्य के साथ की थी। शुरू में 122 कॉलेज इस विश्वविद्यालय से जुड़े थे और लगभग 32 हजार विद्यार्थी इसमें पंजीकृत हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस सरकार ने पहले कांगड़ा और चंबा जिलों के कॉलेजों को शिमला विश्वविद्यालय में स्थानांतरित किया। अब हाल ही में 16 बीएड कॉलेज भी मंडी विश्वविद्यालय से निकालकर शिमला विश्वविद्यालय में जोड़ दिए। बीएड कॉलेज निकालने से विश्वविद्यालय को करीब 2.5 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान होगा। विधायक राकेश जम्बाल ने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से मंडी में भवन बनाए गए। कुलपति व रजिस्ट्रार सहित स्टाफ की नियुक्ति की गई, लेकिन कांग्रेस सरकार की नियत शुरू से ही इस विश्वविद्यालय को बंद करने की रही है। कहा कि मंडी जिले से भाजपा के 10 में से 9 विधायक चुनकर आने के कारण कांग्रेस सरकार मंडी के साथ भेदभाव कर रही है। विकास कार्य ठप पड़े हैं और अब शिक्षा संस्थानों को भी राजनीतिक दुर्भावना के कारण कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि एसपीयू से बीएड कॉलेजों को शिमला विश्वविद्यालय में स्थानांतरित करने का निर्णय तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा इस मुद्दे पर छात्रों और अभिभावकों के साथ है। सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष का रास्ता अपनाया जाएगा।