फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mandi News: टनल निर्माण से मकानों को नुकसान का आरोप, चमन राही बोले- न्याय नहीं मिला तो एट्रोसिटी एक्ट के तहत जाएंगे कोर्ट

Ankesh Dogra Updated Wed, 15 Jul 2026 03:13 PM IST

पंडोह के समीप ग्राम पंचायत हटौन के गांव डबेड में फोरलेन परियोजना के तहत निर्मित फेस-1 टनल से प्रभावित परिवारों की समस्या को लेकर मामला फिर गरमा गया है। प्रभावित परिवार का आरोप है कि टनल निर्माण के बाद उनके दो से तीन मकानों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं और भवन असुरक्षित स्थिति में पहुंच गए हैं। परिवार ने कृषि भूमि को भी नुकसान पहुंचने का दावा किया है। प्रभावित परिवार के सदस्य मेघ सिंह ने बताया कि मकानों में दरारें आने के बाद उन्होंने जिला प्रशासन से शिकायत की थी। शिकायत पर प्रशासन की टीम ने मौके का निरीक्षण कर जांच की और रिपोर्ट में नुकसान का कारण टनल निर्माण को बताया गया। इसके बाद रिपोर्ट संबंधित विभागों और अधिकारियों को भेजी गई। मेघ सिंह के अनुसार, इस मामले को लेकर उन्होंने पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता कौल सिंह ठाकुर से भी मुलाकात की थी। उन्होंने प्रशासन और एनएचएआई अधिकारियों से प्रभावित परिवार को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध करवाने और आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया था। हालांकि, परिवार का आरोप है कि अभी तक एनएचएआई की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। मामले की जानकारी मिलने के बाद अखिल भारतीय दलित, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग परिषद के महासचिव एवं राज्य प्रवक्ता चमन राही बुधवार को गांव डबेड पहुंचे। उन्होंने प्रभावित मकानों और भूमि का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मौके पर मकानों में गंभीर दरारें दिखाई दे रही हैं और नुकसान स्पष्ट है। चमन राही ने कहा कि जब प्रशासनिक जांच में नुकसान का कारण सामने आ चुका है तो प्रभावित परिवार को राहत और मुआवजा देने में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रभावित परिवार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और एनएचएआई की ओर से जल्द उचित मुआवजा और समाधान उपलब्ध नहीं कराया गया तो परिषद प्रभावित परिवार के समर्थन में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत न्यायालय का रुख करेगी।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें