राज्य में प्राकृतिक खेती से उत्पादित अनाज पर देशभर में सबसे अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। ‘मंडी जिला में दो साल में ही लगभग 78 लाख रुपए के लाभ इन किसानों को प्रदान किए जा चुके हैं। गत तीन वर्षो में जिला मंडी में 23291 नए किसान प्राकृतिक खेती से जुड़े हैं। जिला मंडी में वर्तमान में 48,380 किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। सरकार द्वारा इस वर्ष के बजट में प्राकृतिक विधि से उत्पादित गेहूं का समर्थन मूल्य 60 से बढ़ाकर 80 रुपए प्रति किलोग्राम, मक्की का समर्थन मूल्य 40 से बढ़ाकर 50 रुपए प्रति किलोग्राम, हल्दी का समर्थन मूल्य 90 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 150 रुपए प्रति किलोग्राम करने पर प्रदेश सहित मंडी जिला के किसान भी खुशी से चहक रहे हैं। पहली बार अदरक का समर्थन मूल्य 30 रुपए प्रति किलोग्राम घोषित किया गया है। सरकाघाट के धनालग गांव की नीलम, सुंदरनगर की प्रेमलता, बल्ह के घट्टा गांव की लीला देवी तथा करसोग की गीता का कहना है कि प्राकृतिक विधि से उपजाए अनाजों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी से उनकी आर्थिकी में सुधार आ रहा है और किसानों की जीविका साधन सुदृढ़ करने की दिशा में यह बेहतर कदम है। कृषि विभाग आत्मा मंडी के परियोजना निदेशक डॉ. राकेश पटियाल ने बताया कि जिला मंडी में वर्ष 2024-25 में प्राकृतिक खेती करने वाले 328 किसानों से 651.33 क्विंटल मक्का, 15 किसानों से 2.922 मीट्रिक टन कच्ची हल्दी तथा 152 किसानों से 290.67 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। वर्ष 2025-26 में प्राकृतिक खेती करने वाले 192 किसानों से 389.48 क्विंटल मक्का तथा 236 किसानों से 230 क्विंटल कच्ची हल्दी खरीदी गई। अगले माह से किसानों से गेहूं की खरीद शुरू की जाएगी।