मंडी में जारी अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के अंतिम दिन रविवार को धार्मिक आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंडी जिले की उत्तरशाल घाटी के आराध्य देव आदि ब्रह्मा ने पूरे विधि-विधान के साथ शहर की खुशहाली, सुख-समृद्धि और सुरक्षा के लिए संपूर्ण मंडी शहर की परिक्रमा कर ‘सुरक्षा कार’ बांधी। इस दौरान देवता ने न केवल नगरवासियों बल्कि शिवरात्रि महोत्सव में दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की रक्षा का भी वचन दिया। देव आदि ब्रह्मा का यह पावन भ्रमण मंडी शहर के प्रमुख धार्मिक और व्यापारिक क्षेत्रों से होकर गुजरा। देवता के गूर, बजंतरियों और देवलुओं के साथ यह परिक्रमा बाबा भूतनाथ से आरंभ होकर चौहट्टा बाजार, हनुमानघाट, समखेतर बाजार, महाजन बाजार और इंदिरा मार्केट के चारों ओर संपन्न हुई। इस दौरान पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही और ‘देवता की जय’ के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। परंपरा के अनुसार देवलुओं ने जौ के आटे को हवा में उछालकर बुरी आत्माओं, नकारात्मक शक्तियों और आपदाओं को दूर रखने का आहवान किया। देवता के गुर ने अपनी जीभ को दो तलवारों के बीच में रखकर प्राचीन देव परंपराओं का निर्वहन किया। मान्यता है कि सुरक्षा कार बांधने से पूरे वर्ष शहर पर किसी भी प्रकार की विपत्ति या दुष्ट शक्तियों का साया नहीं पड़ता और नगर में शांति व समृद्धि बनी रहती है। शिवरात्रि महोत्सव के दौरान जनपद के कई वरिष्ठ देवी-देवता रियासतकाल से ही अपनी सहभागिता निभाते आ रहे हैं, जिनमें उत्तरशाल के देवता आदि ब्रह्मा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। परिक्रमा के उपरांत देवता का रथ लगभग दो घंटे तक चानणी में विराजमान रहा, जहां भक्तों ने दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद देव आदि ब्रह्मा अपने धाम और क्षेत्र की ओर प्रस्थान कर गए। सर्व देवता समिति के प्रधान शिवपाल शर्मा ने बताया कि देव आदि ब्रह्मा द्वारा आदि काल से ही यह परंपरा निभाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यह देवता नगर की रक्षा व जनकल्याण के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। इस वर्ष भी देवता ने परिक्रमा के दौरान सुख-समृद्धि और शांति का वचन दिया है।