हिमाचल प्रदेश किसान सभा की बैठक सोमवार को जुखड़ी में संपन्न हुई। बैठक में नौ सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। इसमें महेंद्र सिंह को प्रधान और जितेंद्र कुमार को सचिव चुना गया। बैठक में राज्य कमेटी सदस्य महेंद्र राणा विशेष रूप से उपस्थित रहे। महेंद्र राणा ने कहा कि किसान सभा किसानों की मांगों को लेकर देशभर में संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी मांगों के लिए स्वयं संघर्ष करना पड़ रहा है। सरकार की नीतियों के कारण किसानों को फसलों और दूध के उचित दाम नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने दूध का समर्थन मूल्य 61 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया है, लेकिन क्षेत्र के दुग्ध उत्पादकों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। कई दुग्ध सहकारी समितियों में दूध की गुणवत्ता जांच के लिए फैट और एसएनएफ मापने की मशीनें उपलब्ध नहीं हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान सभा ने प्रत्येक सोसाइटी में फैट और एसएनएफ मापने की मशीनें स्थापित करने तथा किसानों को दूध का उचित मूल्य देने की मांग उठाई। साथ ही मिल्क फेडरेशन से पशु आहार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में बाली चौकी क्षेत्र में वेटरनरी फार्मासिस्टों के रिक्त पदों का मुद्दा भी उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि अधिकांश पद खाली होने के कारण पशुओं के टीकाकरण में परेशानी आ रही है। समय पर टीके उपलब्ध न होने से किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। किसान सभा ने रिक्त पदों को शीघ्र भरने और पशुपालकों को समय पर टीकाकरण सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अलावा बढ़े हुए दूध के दाम अप्रैल माह से लागू करने और किसानों को दूध का भुगतान समय पर करने की मांग भी उठाई गई। इन मांगों को लेकर हिमाचल प्रदेश किसान सभा 12 जून को एसडीएम बाली चौकी के माध्यम से सरकार को मांग पत्र सौंपेगी। बैठक में ग्राम पंचायत टाटा के नवनियुक्त उपप्रधान इंद्र सिंह तथा वार्ड पंच टिके राम भी उपस्थित रहे।