नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के साथ आपदा प्रभावित क्षेत्रों बगस्याड, थुनाग, देजी, लंबाथाच,पांडव शिला, जंजैहली के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर प्रभावितों से मिले और उनसे दुख सुख साझा किया। साथ ही आपदा प्रभावित क्षेत्र में आने के लिए और आपदा प्रभावितों के लिए रेड क्रॉस के द्वारा सहायता भेजने के लिए राज्यपाल का आभार जताया। उन्होंने कुछ दिन पहले राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के साथ शिकारी देवी की यात्रा की स्मृतियां साझा की। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सर्दियों के पहले लोगों के लिए अस्थाई लेकिन मजबूत ठिकाना बनाना है। 500 से ज्यादा घर पूरी तरह से बह गए हैं, 1000 से ज्यादा घर अब रहने लायक नहीं बचे, हजार से ज्यादा गौशालाएं और पशुधन इस त्रासदी ने हमसे छीन लिए। पूरे इलाके में पेयजल की जो भी सुविधाएं हैं वह अस्थाई हैं, सड़कें भी अस्थाई तौर पर ही खोली जा सकी है। कल जब बारिश का मौसम खत्म होगा तो लोगों तक कहां से पानी पहुंचेगा। उठाऊ पेयजल योजनाएं पूरी तरीके से ध्वस्त हो गई हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन की सरकार तानाशाही के रास्ते पर चल रही है। अपनी नाकामी छुपाने के लिए सरकार बार-बार पत्रकारों पर मुकदमे लाद रही है। कोई भी बात सरकार को ठीक न लगे तो सरकार उसे सुधारने की बजाय पत्रकारों पर सीधे मुकदमे लाद कर उन्हें डराना चाहती है। सरकार का यह तानाशाही पूर्ण रवैया ठीक नहीं है। इस तरीके से सरकार और सिस्टम को आईना दिखाने वाले लोगों पर बार-बार मुकदमा करके सरकार अपनी नाकामी नहीं छुपा सकती है। इस मामले में मुख्यमंत्री को दखल देना चाहिए।